W450 का अर्थ
W450 छोटे आकार की हल्के रंग वाली साबुत काजू गिरियों का ग्रेड है। सामान्य सीमा 454 ग्राम में 400–450 और एक किलो में लगभग 880–990 गिरियाँ है। यह पेड़ की किस्म, उत्पादन देश या पकने की अवस्था का नाम नहीं है।
गिनती और औसत वजन
450 प्रति पाउंड की गिनती-सीमा का ऊपरी अंक है; व्यापार में नमूना प्रायः 454 ग्राम लिखा जाता है। एक किलो की सीमा से प्रति गिरी का गणितीय औसत लगभग 1.01–1.14 ग्राम है। हर गिरी का वजन और माप अलग हो सकता है।
W320, W400 और W500 से तुलना
पुरानी भारतीय तालिका में 454 ग्राम में W320 की 300–320, W400 की 350–400, W450 की 400–450 और W500 की 450–500 गिरियाँ होती हैं। इस क्रम में W320 का औसत आकार सबसे बड़ा और W500 का सबसे छोटा है। 400 और 450 जैसे साझा अंतिम अंकों पर केवल गिनती दो ग्रेडों को अलग नहीं करती।
साबुत आकार और रंग
साबुत गिरी अपना मुड़ा हुआ विशिष्ट आकार रखती है। AFI 2023 में अधिकतम एक-आठवाँ हिस्सा गायब होने पर भी मूल आकार बरकरार हो तो गिरी साबुत मानी जा सकती है। यह एक गिरी की परिभाषा है; पूरे बैच में टूटे काजू की छूट अलग विषय है। सफेद वर्ग में हल्का पीला या हाथीदाँत रंग भी हो सकता है।
W450 और SW450
स्कॉर्च्ड साबुत गिरियों का रंग प्रसंस्करण की गर्मी से गहरा हो सकता है। कुछ प्रणालियों में SW450 इसी गिनती-सीमा का अलग रंग-वर्ग है। स्कॉर्च्ड ग्रेड और बाद में स्नैक के लिए भूनना अलग प्रक्रियाएँ हैं।
काजू का पेड़, फल और गिरी
काजू Anacardium occidentale पेड़ का खाने योग्य बीज है। कठोर खोल के अंदर गिरी और उस पर पतली टेस्टा होती है। खोल वाला वास्तविक फल मांसल काजू-सेब के नीचे लगता है। W450 प्रसंस्करण के बाद दिया गया ग्रेड है; छोटे आकार से अपने-आप अपरिपक्वता सिद्ध नहीं होती।
उत्पत्ति और उत्पादन क्षेत्र
काजू का मूल क्षेत्र उष्णकटिबंधीय अमेरिका है। पुर्तगाली व्यापारी इसे 16वीं सदी में भारत लाए। भारत में महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में इसकी खेती होती है। भारत आयातित खोल वाले काजू का भी प्रसंस्करण करता है। उत्पादन, प्रसंस्करण और पैकिंग का स्थान अलग हो सकता है।
प्रसंस्करण और छँटाई
खोल वाले काजू को भाप या गर्मी से तैयार करके खोल हटाया जाता है। फिर सुखाना, टेस्टा उतारना और रंग, दोष, साबुत रूप तथा गिनती के अनुसार छँटाई होती है। खुदरा में सादा काजू “रॉ” कहलाने पर भी खोल हटाने या सुखाने में पहले गर्मी मिली हो सकती है। नमक, तेल और मसाले ग्रेड से अलग हैं।
ग्रेडिंग में छूट
400–450 साबुत गिरियों की गिनती मिलना आकार की जानकारी देता है। नमी, दोष और टूट-फूट अलग माप हैं। AFI 2023 में साबुत ग्रेड में अधिकतम 10% वजन तक टूटे काजू या टुकड़े और अलग से अधिकतम 10% छोटे आकार की साबुत गिरियाँ अनुमत हैं। दूसरे मानक की सीमा अलग हो सकती है; अलग तालिकाओं की छूट मिलानी नहीं चाहिए।
खाद्य उपयोग और पोषण
छोटी साबुत गिरियाँ स्नैक मिश्रण, पुलाव, मिठाई और सजावट में उपयोग होती हैं। पेस्ट, सॉस और काजू कतली में पीसने के बाद साबुत आकार नहीं रहता। W450 अलग पोषण श्रेणी नहीं है और इससे प्रोटीन, वसा, नमक या कैलोरी की मात्रा तय नहीं होती।
भंडारण
काजू नमी और आसपास की गंध सोख सकता है। सूखी, बंद खाद्य-ग्रेड पैकिंग नमी और दूषण से बचाने में मदद करती है। गर्मी, नमी, कीट और तेज गंध से दूर रखें। ग्रेड में पैकिंग तारीख, ताज़गी की गारंटी या निश्चित शेल्फ लाइफ शामिल नहीं होती।

- 454 ग्राम में 400–450 साबुत गिरियाँ।
- एक किलो में लगभग 880–990 साबुत गिरियाँ।
- लंबाई और मोटाई वास्तविक बैच पर मापें।
- यह उदाहरण-चित्र है; फोटो से ग्रेड प्रमाणित नहीं होता।
गिनती का सरल उदाहरण
100 ग्राम में अनुमानित कितने काजू?
एक किलो की गिनती को 10 से भाग दें: लगभग 88–99 गिरियाँ। यह केवल अनुमान है; ग्रेड जाँच के नमूने का विकल्प नहीं।
