भाव पूछने से पहले खरीद की शर्तें तय करें
भाव पूछते समय ग्रेड, मात्रा और पैक का वजन बताएँ। सप्लायर से नीचे दी गई शर्तों की लिखित पुष्टि लें।
साबुत काजू या टुकड़े: अपने उत्पाद के अनुसार काजू चुनें। मिठाई में काजू पीसकर डालने हों, तो टुकड़े चुन सकते हैं। ऊपर सजाने के लिए साबुत दाने चुन सकते हैं।
ग्रेड और गुणवत्ता: ग्रेड, गिनती की सीमा और ग्रेड चार्ट का नाम लिखें। स्वीकार्य रंग, नमी और टूटे दानों की अधिकतम मात्रा अलग लिखें। खरोंच या दूसरे दोष कितनी मात्रा में स्वीकार होंगे, यह भी लिखवाएँ।
पैकिंग और मात्रा: पैक का प्रकार और उसमें काजू का वजन तय करें। कुल ऑर्डर की मात्रा भी लिखें। सप्लायर के भाव मिलाते समय ग्रेड, मात्रा और पैकिंग समान रखें।
जाँच और शिकायत: कौन-सी रिपोर्ट चाहिए और डिलीवरी कौन जाँचेगा, पहले तय करें। शिकायत की समय-सीमा और माल बदलने या लौटाने की शर्तें लिखवाएँ। वापसी का भाड़ा कौन देगा, यह भी तय करें।
सप्लायर का लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन FoSCoS पर जाँचें। उसमें दर्ज नाम और पता सप्लायर के बिल से मिलाएँ।
मिलने वाले बैच का सैंपल माँगें
सप्लायर से पूछें कि सैंपल किस बैच से लिया है। बैच नंबर माल के एक समूह का पहचान कोड है। दूसरे बैच से डिलीवरी होगी, तो उसका अलग सैंपल माँगें।
सैंपल लेने से पहले लिखित में इन बातों पर सहमति लें:
- कितने पैक से काजू निकालने हैं और उन्हें कैसे चुनना है?
- हर पैक में किन जगहों से काजू लेने हैं?
- हर जाँच में कितने ग्राम काजू लगेंगे?
- सैंपल कौन लेगा, लेबल लगाएगा और सील करेगा?
ऑर्डर में तय मानक के अनुसार सैंपल लें। उसकी पूरी प्रक्रिया अपनाएँ। AFI की प्रक्रिया में कई पैक और उनके अलग हिस्सों से काजू लेते हैं। एक बैग से मुट्ठीभर दाने निकालना पूरी डिलीवरी की जाँच नहीं है।
सैंपल पर बैच नंबर, पैक नंबर और लेने की तारीख लिखें। नमी की जाँच, रेसिपी और बाद की तुलना के लिए सैंपल अलग बाँटें। तुलना वाला सैंपल सील करें और सप्लायर के बताए तरीके से रखें।
थोक काजू खरीदते समय ये 13 जाँच करें
पैक खोलने से पहले सील, बैच नंबर और तारीखें देखें। दाने निकालने के बाद गंध, रंग, गिनती और टूटे टुकड़े जाँचें। खाने में इस्तेमाल से पहले खाद्य सुरक्षा की तय जाँच पूरी करें।
1. सील, छेद और गीली पैकिंग जाँचें
पैक की फटी सील, छेद या गीले हिस्से देखें। बाहर का कार्टन सूखा हो, तब भी अंदर का पैक जाँचें। पैक खोलने से पहले नुकसान और बैच नंबर की फोटो लें।
थोक काजू की पैकिंग हवाबंद होनी चाहिए। हालांकि, हर पाउच एक जैसा कसा हुआ नहीं दिखता। पाउच ढीला लगे, तो पहले पैकिंग का तरीका पूछें।
- वैक्यूम पैक: मंजूर किए सैंपल के पैक से ढीला लगे, तो सप्लायर को फोटो भेजें।
- गैस भरा पैक: सप्लायर से बिना नुकसान वाले ऐसे ही पाउच की फोटो माँगें।
- फटा या खुला पैक: अलग रखें और बदलने या लौटाने की शर्तें पूछें।
कुछ पैकिंग में वैक्यूम और गैस दोनों इस्तेमाल होते हैं। इसलिए ढीला दिखना अपने आप में नमी बढ़ने का प्रमाण नहीं है।
2. पैक, सैंपल और रिपोर्ट का बैच नंबर मिलाएँ
पैक, सैंपल के लेबल और जाँच रिपोर्ट पर बैच नंबर देखें। नंबर अलग हों, तो सप्लायर से उसका कारण लिखित में पूछें। पुष्टि करें कि रिपोर्ट डिलीवरी वाले बैच की ही है।
बिल में लिखा ग्रेड और मात्रा डिलीवरी से मिलाएँ। हर बैच से मिली मात्रा अलग लिखें। एक बिल में 2 बैच हों, तो दोनों की रिपोर्ट अलग हो सकती है।
3. दानों के आकार, रंग, खरोंच और धब्बे देखें
सैंपल को ट्रे में फैलाकर दानों का आकार और रंग मिलाएँ। अलग पैक के दाने एक जैसी रोशनी में देखें। खरोंच वाले दानों और गहरे धब्बों वाले दानों को अलग रखें।
हल्का पीला रंग अकेले काजू के पुराने होने का प्रमाण नहीं है। AFI की First Quality Fancy श्रेणी में यह रंग स्वीकार्य है। रंग को अपने ऑर्डर में लिखे ग्रेड से मिलाएँ।
भारतीय ट्रेड ग्रेड चार्ट कुछ खुरचने के निशान स्वीकार करता है। खरोंच के बावजूद दाने का मूल आकार बना रहना चाहिए। पूरी ट्रे और खरोंच या धब्बे वाले दानों की नजदीक से फोटो लें। ग्रेड पर आपत्ति हो, तो सप्लायर को वही तस्वीरें भेजें।
खरीद से पहले जाँच
एक जैसी रोशनी में दोनों सतहें देखें।
- देखें
- आकार · रंग
- पलटें
- दोनों सतहें
- दर्ज करें
- फोटो · बैच
ऑर्डर में चुने ग्रेड से तुलना करें।
4. रिपोर्ट में नमी का प्रतिशत मिलाएँ
डिलीवरी वाले बैच की नमी की जाँच रिपोर्ट माँगें। दाना चटकने की आवाज या नरमी से नमी का प्रतिशत नहीं मिलता। नमी का परिणाम लागू मानक और ऑर्डर में लिखी सीमा से मिलाएँ।
| मानक | नमी की सीमा | किसके लिए है |
|---|---|---|
| FSSAI का काजू मानक | अधिकतम 5% | भारत में उत्पाद का मानक |
| AFI का व्यापारिक मानक | तय जाँच विधि से 3–5% | अमेरिका के लिए व्यापारिक मानक |
रिपोर्ट में 5.4% नमी FSSAI की बताई सीमा से ज्यादा है। बैच का इस्तेमाल रोकें और सप्लायर को रिपोर्ट भेजें।
4.8% नमी का परिणाम 5% की अधिकतम सीमा के अंदर है। लेकिन ऑर्डर में 4% तय किया हो, तो वह शर्त पूरी नहीं होगी। जाँच उसी मानक में बताए तरीके से होनी चाहिए।
5. सीलन या बासी तेल की गंध वाले पैक अलग रखें
सीलन, खटास या बासी तेल जैसी गंध आए तो पैक अलग रखें। ऐसे काजू चखें नहीं और खाने में न डालें। काजू का तेल खराब होने से गंध और स्वाद बदल सकते हैं। FSSAI का मानक खराब तेल या बाहरी गंध वाले काजू स्वीकार नहीं करता।
सफेद पाउडर दिखे तो उसकी पहचान कराएँ। उंगलियों से रगड़ने पर स्टार्च या ब्लीच की पहचान नहीं होती। सप्लायर से पूछें कि पाउडर क्या है और कोई परत लगाई गई है या नहीं। पाउडर की पहचान और काजू के सुरक्षित होने की पुष्टि तक पैक अलग रखें।
पाउडर की फोटो लें और जाँच के लिए सैंपल सील करें। उसके लेबल पर पैक और बैच नंबर लिखें। बिना जाँच के पाउडर को ब्लीच या मिलावट घोषित न करें।
6. कीड़े, जाले, फफूँद और कड़े छिलके खोजें
सैंपल की जाँच में दानों के साथ पैक के अंदर भी देखें। नीचे दी गई जगहों पर कीड़े, जाले और कचरा खोजें:
- ट्रे पर: दानों के छेद, कीड़े, जाले और कड़े छिलके के टुकड़े।
- दानों के अंदर: सैंपल की तय प्रक्रिया के अनुसार दाने खोलकर फफूँद देखें।
- पैक में: जोड़, कोने और खाली करने के बाद बचा चूरा या कचरा।
पैक में मिले चूरे को बिना जाँच के कीड़ों का मल न मानें। जिस सामग्री की पहचान न हो, उसकी फोटो लेकर पैक अलग रखें। कीड़े निकाल देने से बाकी काजू के सुरक्षित होने की पुष्टि नहीं होती।
7. W320 की जाँच के लिए 454 ग्राम साबुत काजू गिनें
भारतीय ट्रेड ग्रेड चार्ट में 454 ग्राम W320 काजू की गिनती 300–320 दाने है। गिनती वाले सैंपल में केवल साबुत दाने लें। टूटे टुकड़े गिनती वाले 454 ग्राम में न मिलाएँ।
- खाली बर्तन तराजू पर रखें और रीडिंग 0 करें।
- बर्तन में 454 ग्राम साबुत काजू तौलकर लें।
- दाने गिनें और सैंपल के लेबल पर संख्या लिखें।
- गिनती सीमा से बाहर हो, तो तराजू जाँचकर दोबारा गिनें।
मान लें, 454 ग्राम में 340 साबुत दाने मिले। यह W320 की 300–320 दानों वाली सीमा से बाहर है। समान वजन में ज्यादा दानों का औसत आकार छोटा होता है। सप्लायर को सैंपल का वजन, गिनती और बैच नंबर भेजें।
300–320 दाने मिलने पर सैंपल गिनती की शर्त पूरी करता है। पूरी डिलीवरी का फैसला तय सैंपल प्रक्रिया से करें।
8. दानों पर चिपका पतला भूरा छिलका देखें
काजू के मुड़े किनारे और दरारों में भूरा छिलका देखें। दाने पलटकर दोनों तरफ की सतह जाँचें। यह ऊपर चिपका पतला छिलका है, कड़ा बाहरी खोल नहीं।
भारतीय ट्रेड ग्रेड चार्ट सफेद साबुत काजू में चिपका भूरा छिलका स्वीकार नहीं करता। ऑर्डर में यही शर्त हो, तो ऐसे दानों की फोटो भेजें। छिलका खुरचकर तौलने से उसके प्रतिशत की मानक जाँच पूरी नहीं होती।
9. साबुत काजू में टूटे टुकड़ों का प्रतिशत निकालें
टूटे टुकड़ों का वजन पूरे सैंपल के वजन से मिलाएँ। भारतीय ट्रेड ग्रेड चार्ट सफेद साबुत काजू में अधिकतम 5% टुकड़े स्वीकार करता है। AFI के मानक में साबुत काजू के लिए सीमा 10% है। अपने ऑर्डर में चुना गया मानक और सीमा लिखें।
किनारे से टूटा हर दाना टूटे टुकड़ों में नहीं गिना जाता। AFI में अधिकतम 1/8 हिस्सा टूटने पर भी दाना साबुत गिना जा सकता है। साथ में उसका मूल आकार बना रहना चाहिए। साबुत और टूटे दाने अलग करते समय ऑर्डर में चुने मानक को मानें।
टूटे टुकड़े (%) = टुकड़ों का वजन ÷ पूरे सैंपल का वजन × 100
मान लें, 1,000 ग्राम सैंपल में 60 ग्राम टूटे टुकड़े हैं। हिसाब होगा 60 ÷ 1,000 × 100 = 6%। 5% की सीमा में 50 ग्राम टुकड़े स्वीकार होंगे। मिले हुए टुकड़े उस सीमा से 10 ग्राम ज्यादा हैं।
इस हिसाब में शुरुआती 1,000 ग्राम वजन ही लें। केवल बचे साबुत दानों के वजन से भाग न दें। ऐसा करने पर टूटे टुकड़ों का प्रतिशत गलत बढ़ेगा।
खरीद से पहले जाँच
टूटे टुकड़े: वजन से हिसाब लगाएँ।
- पूरे सैंपल का वजन
- 1,000 g
- टूटे टुकड़ों का वजन
- 60 g
- टूटे टुकड़े
- 6%
60 ÷ 1,000 × 100 = 6%
10. कुल वजन से पैकिंग का वजन घटाएँ
भरे पैक के वजन में उसकी पैकिंग भी शामिल है। काजू का वजन निकालने के लिए उसी खाली पैकिंग को तौलें। फिर यह हिसाब करें:
काजू का वजन = भरे पैक का वजन − खाली पैकिंग का वजन
मान लें, भरा पैक 10.40 किलो और खाली पैकिंग 0.50 किलो है। काजू का वजन 9.90 किलो निकलेगा। पैक पर 10 किलो लिखा हो, तो 100 ग्राम की कमी है। तराजू जाँचें और दूसरे पैक भी अलग-अलग तौलें।
सप्लायर को हर तौले गए पैक का वजन और कुल कमी भेजें। एक पैक की कमी को सभी बंद पैक पर लागू न करें।
11. एक्सपायरी से पहले कितनी मात्रा इस्तेमाल होगी, इसका हिसाब करें
पैक या साथ मिले कागजों पर एक्सपायरी की तारीख देखें। हिसाब लगाएँ कि पूरी मात्रा खत्म करने में कितना समय लगेगा। पैक खुलने के बाद इस्तेमाल की अवधि भी सप्लायर से पूछें।
हर हफ्ते 5 किलो इस्तेमाल हो, तो 30 किलो 6 हफ्ते चलेगा। एक्सपायरी 4 हफ्ते बाद हो, तो पूरी मात्रा समय पर खत्म नहीं होगी। कम मात्रा लें या कम से कम 6 हफ्ते बाद की एक्सपायरी वाला माल माँगें।
हिस्सों में डिलीवरी लेने पर हर खेप की एक्सपायरी अलग जाँचें। पैक खोलने के बाद इस्तेमाल की अवधि कम हो, तो उसे भी मानें। हर खुले पैक पर खोलने की तारीख लिखें।
सप्लायर के बताए तापमान और रखने के निर्देश मानें। काजू को कीड़ों और तेज गंध से बचाकर रखें।
12. रिपोर्ट में जाँच के नाम, परिणाम और तारीखें देखें
Certificate of Analysis या COA सैंपल की जाँच रिपोर्ट है। केवल पास लिखा देखकर उसे पूरी रिपोर्ट न मानें। ऑर्डर में माँगी हर जाँच का परिणाम और सीमा देखें।
- सैंपल की पहचान: काजू का प्रकार और सैंपल नंबर।
- सैंपल लेने का विवरण: किसने लिया, कैसे लिया और कब लिया।
- जाँच का परिणाम: तारीख, तरीका, मापी गई मात्रा और इकाई।
- स्वीकार्य सीमा: परिणाम किस मानक की किस सीमा से मिला है।
रिपोर्ट पर NABL मान्यता का दावा हो, तो उसका विवरण जाँचें। NABL की जानकारी में जाँच का नाम, तरीका और संस्था का पता देखें। इन्हें रिपोर्ट से मिलाएँ। जाँच की तारीख पर उसकी मान्यता वैध होनी चाहिए।
नमी की रिपोर्ट दूसरी जाँचों का परिणाम नहीं बताती। बाकी माँगी गई रिपोर्ट मिले बिना केवल नमी के आधार पर बैच मंजूर न करें।
13. काजू से अपनी रेसिपी बनाकर परिणाम मिलाएँ
खाद्य सुरक्षा की तय जाँच पूरी होने पर ही रेसिपी बनाएँ। जाँच में असफल सैंपल इस्तेमाल न करें। नए काजू की तुलना पहले इस्तेमाल किए अच्छे बैच से करें। दोनों के लिए मशीन, सामग्री की मात्रा और बनाने का समय समान रखें।
काजू कतली: दोनों बार काजू, चीनी और दूसरी सामग्री बराबर लें। कतली को बराबर समय तक ठंडा होने दें। काटते समय देखें कि वह चिपकती है, दरकती है या टूटती है। दोनों का रंग और सख्ती भी मिलाएँ।
ग्रेवी या सॉस: काजू और पानी या दूसरे तरल की मात्रा समान रखें। दोनों में दानेदारपन और गाढ़ापन मिलाएँ। तुलना पूरी होने से पहले रेसिपी न बदलें।
बिस्कुट और भुने काजू: पकाने का तापमान और समय समान रखें। बिस्कुट पकने के बाद काजू के टुकड़ों का रंग देखें। भुने काजू में देखें कि कुछ दाने बाकी से ज्यादा गहरे तो नहीं हैं।
पीसने पर काजू का पेस्ट बनना काजू बटर के लिए उपयोगी है। केवल तेल निकलने से पुराने काजू या गलत सुखाने का प्रमाण नहीं मिलता। परिणाम अपनी रेसिपी की जरूरत से मिलाएँ।
मशीन के निर्देशों में बताई न्यूनतम मात्रा का ध्यान रखें। दोनों बार बने बेचने योग्य उत्पाद का वजन लें।
साबुत काजू की प्रति किलो लागत निकालें
साबुत दाने, काम आने वाले टुकड़े और खराब माल अलग करें। पहले उदाहरण में 1,000 ग्राम में 60 ग्राम टूटे टुकड़े थे। मान लें, सभी दाने सुरक्षित हैं और कोई दूसरा नुकसान नहीं है। तब मात्रा होगी:
- 940 ग्राम साबुत काजू।
- 60 ग्राम काम आने वाले टुकड़े।
- 0 ग्राम खराब माल।
खरीद का भाव ₹800 प्रति किलो मानकर हिसाब करें। ₹800 ÷ 0.94 किलो = ₹851.06 प्रति किलो साबुत काजू। इस हिसाब में टुकड़े बेचने की रकम शामिल नहीं है। छँटाई, पकाने और दूसरे काम का खर्च भी शामिल नहीं है।
अब मान लें कि टुकड़े बेचने से ₹30 मिल सकते हैं। ₹800 में से ₹30 घटाने पर साबुत काजू की लागत ₹770 होगी। ₹770 ÷ 0.94 किलो = ₹819.15 प्रति किलो।
टुकड़ों की रकम तभी घटाएँ, जब वह वास्तव में मिल सकती हो। वही रकम दो बार घटाने से लागत गलत कम दिखेगी। सप्लायर के भाव मिलाते समय खर्च का एक ही हिसाब अपनाएँ।
खरीद से पहले जाँच
खरीद के भाव से आगे का हिसाब।
- साबुत काजू
- 940 g
- टुकड़ों की कीमत घटाए बिना
- ₹851.06 / kg
- टुकड़ों से ₹30 मिलें तो
- ₹819.15 / kg
₹800 ÷ 0.94 kg · ₹770 ÷ 0.94 kg
जाँच के बाद डिलीवरी पर फैसला करें
पहला सैंपल सही मिले, तब भी डिलीवरी की जाँच करें। इस्तेमाल या बिक्री के लिए मंजूर बैच नंबर लिखें। खरीदने, माल लेने और रसोई की टीम को यह जानकारी दें।
शर्तें पूरी हों तो स्वीकार करें। ग्रेड, सुरक्षा रिपोर्ट और तय रेसिपी के परिणाम ऑर्डर से मिलाएँ।
जवाब या रिपोर्ट बाकी हो तो माल अलग रखें। पैक फटा हो, रिपोर्ट अधूरी हो या परिणाम सीमा से बाहर हो, तो माल इस्तेमाल न करें। सप्लायर से जवाब और जरूरत पड़ने पर दोबारा जाँच माँगें।
सुरक्षा जाँच में असफल माल स्वीकार न करें। कारण लिखित में भेजें और वापसी या नष्ट करने के निर्देश लें। आकार या टूटे टुकड़ों का अंतर हो, तो ऑर्डर की शिकायत शर्तें अपनाएँ।
बैच नंबर के साथ फोटो और मापे गए परिणाम भेजें। तय शिकायत अवधि के अंदर सप्लायर को समस्या बताएँ।
NutDana से थोक काजू का भाव पूछें
NutDana को काजू का ग्रेड, मात्रा और डिलीवरी पिन कोड भेजें। बताएँ कि काजू से कौन-सा उत्पाद बनाएँगे या उसे किस रूप में बेचेंगे। ऑर्डर देने से पहले भाव, पैकिंग और सैंपल की शर्तें पूछें।
